9 तो याजकों की रीति के अनुसार उसके नाम पर चिट्ठी निकली, कि प्रभु के मन्दिर में जाकर धूप जलाए। (निर्ग. 30:7)10 और धूप जलाने के समय लोगों की सारी मण्डली बाहर प्रार्थना कर रही थी।11 कि प्रभु का एक स्वर्गदूत धूप की वेदी की दाहिनी ओर खड़ा हुआ उसको दिखाई दिया।12 और जकर्याह देखकर घबराया और उस पर बड़ा भय छा गया।