3 और मेल के बन्धन में आत्मा की एकता रखने का यत्न करो।4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा,6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।7 पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है।8 इसलिए वह कहता है, “वह ऊँचे पर चढ़ा, और बन्दियों को बाँध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए।”