शांति तुम्हारे भीतर हो
| Secondary Keywords | इजराइल दीवार पथ प्रकाश प्रार्थना प्रार्थना यरूशलेम वादा शहर शांति समृद्ध |
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| धर्मग्रंथों | Isaiah 261 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, “हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है। Isaiah 4916 देख, मैंने तेरा चित्र अपनी हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के सामने बनी रहती है। Isaiah 6018 तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरी सीमाओं के भीतर उत्पात या अंधेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी। Isaiah 626 हे यरूशलेम, मैंने तेरी शहरपनाह पर पहरूए बैठाए हैं; वे दिन-रात कभी चुप न रहेंगे। हे यहोवा को स्मरण करनेवालों, चुप न रहो, (यहे. 3:17-21, इब्रा. 13:17) John 1427 मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूँ , अपनी शान्ति तुम्हें देता हूँ; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। Psalm 1221 जब लोगों ने मुझसे कहा, “आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,” तब मैं आनन्दित हुआ। 2 हे यरूशलेम, तेरे फाटकों के भीतर, हम खड़े हो गए हैं! 3 हे यरूशलेम, तू ऐसे नगर के समान बना है, जिसके घर एक दूसरे से मिले हुए हैं। 4 वहाँ यहोवा के गोत्र-गोत्र के लोग यहोवा के नाम का धन्यवाद करने को जाते हैं; यह इस्राएल के लिये साक्षी है। 5 वहाँ तो न्याय के सिंहासन, दाऊद के घराने के लिये रखे हुए हैं। 6 यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें! 7 तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे! 8 अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूँगा कि तुझ में शान्ति होवे! 9 अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूँगा। Psalm 5118 प्रसन्न होकर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना, |








