मूसा और दस आज्ञाओं
| Secondary Keywords | आज्ञाओं काले और सफेद गोलियाँ दस धोना पत्थर मूसा लाइन कला |
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| धर्मग्रंथों | Deuteronomy 4:11 Deuteronomy 4:12 Deuteronomy 4:13 Deuteronomy 4:14 Deuteronomy 9:11 Deuteronomy 9:15 Deuteronomy 9:9 Exodus 19:18 Exodus 20:12 Exodus 20:13 Exodus 20:14 Exodus 20:15 Exodus 20:16 Exodus 20:17 Exodus 20:2-3 Exodus 20:4 Exodus 20:5 Exodus 20:7 Exodus 20:8 Exodus 20:8-11 Exodus 24:12 Exodus 24:15 Exodus 24:18 Exodus 31:18 Exodus 32:15 Exodus 32:16 Exodus 34:28 Deuteronomy 411 And you came near and stood at the foot of the mountain, while the mountain burned with fire to the heart of heaven, wrapped in darkness, cloud, and gloom. Deuteronomy 412 Then the LORD spoke to you out of the midst of the fire. You heard the sound of words, but saw no form; there was only a voice. Deuteronomy 413 And he declared to you his covenant, which he commanded you to perform, that is, the Ten Commandments, and he wrote them on two tablets of stone. Deuteronomy 414 And the LORD commanded me at that time to teach you statutes and rules, that you might do them in the land that you are going over to possess. Deuteronomy 911 And at the end of forty days and forty nights the LORD gave me the two tablets of stone, the tablets of the covenant. Deuteronomy 915 So I turned and came down from the mountain, and the mountain was burning with fire. And the two tablets of the covenant were in my two hands. Deuteronomy 99 When I went up the mountain to receive the tablets of stone, the tablets of the covenant that the LORD made with you, I remained on the mountain forty days and forty nights. I neither ate bread nor drank water. Exodus 1918 और यहोवा जो आग में होकर सीनै पर्वत पर उतरा था, इस कारण समस्त पर्वत धुएँ से भर गया; और उसका धुआँ भट्ठे का सा उठ रहा था, और समस्त पर्वत बहुत काँप रहा था। Exodus 2013 “तू खून न करना। Exodus 2014 “तू व्यभिचार न करना। Exodus 2015 “तू चोरी न करना। Exodus 2016 “तू किसी के विरुद्ध झूठी साक्षी न देना। Exodus 2017 “तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की पत्नी का लालच करना, और न किसी के दास-दासी, या बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।” Exodus 202 “मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूँ, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश से निकाल लाया है। 3 “तू मुझे छोड़ दूसरों को परमेश्वर करके न मानना। Exodus 204 “तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, या पृथ्वी पर, या पृथ्वी के जल में है। Exodus 205 तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखनेवाला परमेश्वर हूँ, और जो मुझसे बैर रखते हैं, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूँ, Exodus 207 “तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा। Exodus 208 “तू विश्रामदिन को पवित्र मानने के लिये स्मरण रखना। Exodus 208 “तू विश्रामदिन को पवित्र मानने के लिये स्मरण रखना। 9 छः दिन तो तू परिश्रम करके अपना सब काम-काज करना; 10 परन्तु सातवाँ दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है। उसमें न तो तू किसी भाँति का काम-काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशु, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकों के भीतर हो। 11 क्योंकि छः दिन में यहोवा ने आकाश और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उनमें है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसको पवित्र ठहराया। Exodus 2412 तब यहोवा ने मूसा से कहा, “पहाड़ पर मेरे पास चढ़, और वहाँ रह; और मैं तुझे पत्थर की पटियाएँ, और अपनी लिखी हुई व्यवस्था और आज्ञा दूँगा कि तू उनको सिखाए।” Exodus 2415 तब मूसा पर्वत पर चढ़ गया, और बादल ने पर्वत को छा लिया। Exodus 2418 तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा। Exodus 3118 जब परमेश्वर मूसा से सीनै पर्वत पर ऐसी बातें कर चुका, तब परमेश्वर ने उसको अपनी उँगली से लिखी हुई साक्षी देनेवाली पत्थर की दोनों तख्तियाँ दीं। Exodus 3215 तब मूसा फिरकर साक्षी की दोनों तख्तियों को हाथ में लिये हुए पहाड़ से उतर गया, उन तख्तियों के तो इधर और उधर दोनों ओर लिखा हुआ था। Exodus 3216 और वे तख्तियाँ परमेश्वर की बनाई हुई थीं, और उन पर जो खोदकर लिखा हुआ था वह परमेश्वर का लिखा हुआ था। Exodus 3428 मूसा तो वहाँ यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उसने रोटी खाई और न पानी पिया। और उसने उन तख्तियों पर वाचा के वचन अर्थात् दस आज्ञाएँ लिख दीं। |