प्राईस पानी के एक शरीर के बगल में जमीन पर बैठा है । दो लेडी दोस्त उसके बगल के किनारे पर चट्टानों पर बैठे हैं । प्राईस को सभा या पानी डालने के रूप में वह वार्ता लगता है । दो आदमी दूरी में उनके पीछे खड़े हैं, देख और सुन रहे हैं ।
13 सब्त के दिन हम नगर के फाटक के बाहर नदी के किनारे यह समझकर गए कि वहाँ प्रार्थना करने का स्थान होगा; और बैठकर उन स्त्रियों से जो इकट्ठी हुई थीं, बातें करने लगे।14 और लुदिया नाम थुआतीरा नगर की बैंगनी कपड़े बेचनेवाली एक भक्त स्त्री सुन रही थी, और प्रभु ने उसका मन खोला, ताकि पौलुस की बातों पर ध्यान लगाए।15 और जब उसने अपने घराने समेत बपतिस्मा लिया, तो उसने विनती की, “यदि तुम मुझे प्रभु की विश्वासिनी समझते हो, तो चलकर मेरे घर में रहो,” और वह हमें मनाकर ले गई।