सब बातें उसके द्वारा की गई और वह सब कुछ एक साथ अपनी शक्ति के वचन से रखती है । परी मेजबान, ब्रह्मांड के सितारे, प्रकाश पंहुचा-अंत में मैं सुझाव है, लेकिन दर्शकों की कल्पना को बहुत छोड़ करने का फैसला किया ।
16 और अमरता केवल उसी की है, और वह अगम्य ज्योति में रहता है, और न उसे किसी मनुष्य ने देखा और न कभी देख सकता है। उसकी प्रतिष्ठा और राज्य युगानुयुग रहेगा। आमीन। (1 तीमु. 1:17)
Genesis 1
1 आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3)
Job 26
7 वह उत्तर दिशा को निराधार फैलाए रहता है, और बिना टेक पृथ्वी को लटकाए रखता है।
Job 38
4 “जब मैंने पृथ्वी की नींव डाली, तब तू कहाँ था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे।5 उसकी नाप किसने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किसने सूत खींचा?6 उसकी नींव कौन सी वस्तु पर रखी गई, या किसने उसके कोने का पत्थर बैठाया,7 जबकि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे?
John 1
1 आदि में
वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उसमें से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।4 उसमें जीवन था; और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति था।5 और ज्योति अंधकार में चमकती है; और अंधकार ने उसे ग्रहण न किया।