हिन्दी
  •  Afrikaans
  •  Bahasa Indonesia
  •  Bahasa Melayu
  •  Česky
  •  Deutsch
  •  English
  •  Español
  •  Français
  •  Italiano
  •  Magyar
  •  Nederlands
  •  Polski
  •  Português
  •  Română
  •  Shqip
  •  Tagalog
  •  Tiếng Việt
  •  Türkçe
  •  Ελληνικά
  •  Български
  •  русский
  •  Српски / Srpski
  •  Українська
  •  עברית
  •  العربية
  •  فارسی
  •  ไทย
  •  中文
  •  日本語
  •  粵語
  •  한국어
मुद्रा INR
  • BRL - ब्राज़ीली रियाल
  • EUR - यूरो
  • USD - यूएस डॉलर
  • CAD - कनाडाई डॉलर
  • MXN - मैक्सिकन पेसो
  • RUB - रूसी रूबल
  • RON - रोमानियाई ल्यू
  • PLN - पोलिश ज़्लॉटी
  • SGD - सिंगापुर डॉलर
  • CHF - स्विस फ़्रैंक
  • TRY - तुर्की लीरा
  • UAH - यूक्रेनियन रिव्निया
  • GBP - ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग
  • JPY - जापानी येन
  • AUD - ऑस्ट्रेलियाई डॉलर
  • BGN - बुल्गारियाई लेव
  • CZK - चेक गणराज्य कोरुना
  • DKK - डैनिश क्रोन
  • HKD - हाँगकाँग डॉलर
  • IDR - इंडोनेशियाई रुपिया
  • HUF - हंगेरियन फ़ोरिंट
  • KRW - दक्षिण कोरियाई वॉन
  • MYR - मलेशियाई रिंगित
  • VND - वियतनामी डोंग
  • CNY - चीनी युआन
  • ARS - अर्जेंटीनी पेसो
  • ZAR - दक्षिण अफ़्रीकी रैंड
  • ALL - अल्बानियाई लेक
  • PHP - फ़िलिपीनी पेसो
  • RSD - सर्बियन दिनार
  • ILS - इज़राइली न्यू शेकेल
  • EGP - मिस्र पाउंड
  • SAR - सउदी रियाल
  • AED - संयुक्त अरब अमीरात दिरहाम
  • IRR - ईरानी रियाल
  • AFN - अफ़गान अफ़गानी
  • IQD - इराकी दिनार
  • PKR - पाकिस्तानी रुपया
  • THB - थाई बहत
GoodSalt™
ढूँढ
खाता
गाड़ी
  • खाता
  • लाइटबॉक्स
  • साइन इन करें
  • नाम लिखो
GoodSalt™
धार्मिक कल्पना में दुनिया के नेता।
मुद्रा INR
  • BRL - ब्राज़ीली रियाल
  • EUR - यूरो
  • USD - यूएस डॉलर
  • CAD - कनाडाई डॉलर
  • MXN - मैक्सिकन पेसो
  • RUB - रूसी रूबल
  • RON - रोमानियाई ल्यू
  • PLN - पोलिश ज़्लॉटी
  • SGD - सिंगापुर डॉलर
  • CHF - स्विस फ़्रैंक
  • TRY - तुर्की लीरा
  • UAH - यूक्रेनियन रिव्निया
  • GBP - ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग
  • JPY - जापानी येन
  • AUD - ऑस्ट्रेलियाई डॉलर
  • BGN - बुल्गारियाई लेव
  • CZK - चेक गणराज्य कोरुना
  • DKK - डैनिश क्रोन
  • HKD - हाँगकाँग डॉलर
  • IDR - इंडोनेशियाई रुपिया
  • HUF - हंगेरियन फ़ोरिंट
  • KRW - दक्षिण कोरियाई वॉन
  • MYR - मलेशियाई रिंगित
  • VND - वियतनामी डोंग
  • CNY - चीनी युआन
  • ARS - अर्जेंटीनी पेसो
  • ZAR - दक्षिण अफ़्रीकी रैंड
  • ALL - अल्बानियाई लेक
  • PHP - फ़िलिपीनी पेसो
  • RSD - सर्बियन दिनार
  • ILS - इज़राइली न्यू शेकेल
  • EGP - मिस्र पाउंड
  • SAR - सउदी रियाल
  • AED - संयुक्त अरब अमीरात दिरहाम
  • IRR - ईरानी रियाल
  • AFN - अफ़गान अफ़गानी
  • IQD - इराकी दिनार
  • PKR - पाकिस्तानी रुपया
  • THB - थाई बहत
  हिन्दी
  •  Afrikaans
  •  Bahasa Indonesia
  •  Bahasa Melayu
  •  Česky
  •  Deutsch
  •  English
  •  Español
  •  Français
  •  Italiano
  •  Magyar
  •  Nederlands
  •  Polski
  •  Português
  •  Română
  •  Shqip
  •  Tagalog
  •  Tiếng Việt
  •  Türkçe
  •  Ελληνικά
  •  Български
  •  русский
  •  Српски / Srpski
  •  Українська
  •  עברית
  •  العربية
  •  فارسی
  •  ไทย
  •  中文
  •  日本語
  •  粵語
  •  한국어
ढूँढ
Advanced Options ▼
छवियों गैलरी के अंत तक छोड़ें
शुरुआत में
छवियों गैलरी की शुरुआत के लिए छोड़ दें

शुरुआत में

गुणनफल
छवि आईडी
prcas0186
कलाकृति-निर्माता
Providence Collection
छवि विवरण
More Information
Secondary Keywords उत्पत्ति   कानून   निर्माण   पुराना   वसीयतनामा   शुरुआत  
धर्मग्रंथों
Genesis 1   Genesis 1:1-19   Joshua 23:2-3   Psalms 19:1  

Genesis 1

1 आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3) 2 पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था। (2 कुरि. 4:6) 3 तब परमेश्वर ने कहा, “उजियाला हो,” तो उजियाला हो गया। 4 और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अंधियारे से अलग किया। 5 और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अंधियारे को रात कहा। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पहला दिन हो गया। 6 फिर परमेश्वर ने कहा , “जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।” 7 तब परमेश्वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग-अलग किया; और वैसा ही हो गया। 8 और परमेश्वर ने उस अन्तर को आकाश कहा। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया। 9 फिर परमेश्वर ने कहा, “आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे,” और वैसा ही हो गया। (2 पत. 3:5) 10 और परमेश्वर ने सूखी भूमि को पृथ्वी कहा, तथा जो जल इकट्ठा हुआ उसको उसने समुद्र कहा; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 11 फिर परमेश्वर ने कहा, “पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे-छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्हीं में एक-एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें,” और वैसा ही हो गया। (1 कुरि. 15:38) 12 इस प्रकार पृथ्वी से हरी घास, और छोटे-छोटे पेड़ जिनमें अपनी-अपनी जाति के अनुसार बीज होता है, और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक-एक की जाति के अनुसार उन्हीं में होते हैं उगें; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 13 तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार तीसरा दिन हो गया। 14 फिर परमेश्वर ने कहा, “दिन को रात से अलग करने के लिये आकाश के अन्तर में ज्योतियाँ हों; और वे चिन्हों, और नियत समयों, और दिनों, और वर्षों के कारण हों; 15 और वे ज्योतियाँ आकाश के अन्तर में पृथ्वी पर प्रकाश देनेवाली भी ठहरें,” और वैसा ही हो गया। 16 तब परमेश्वर ने दो बड़ी ज्योतियाँ बनाईं; उनमें से बड़ी ज्योति को दिन पर प्रभुता करने के लिये, और छोटी ज्योति को रात पर प्रभुता करने के लिये बनाया; और तारागण को भी बनाया। 17 परमेश्वर ने उनको आकाश के अन्तर में इसलिए रखा कि वे पृथ्वी पर प्रकाश दें, 18 तथा दिन और रात पर प्रभुता करें और उजियाले को अंधियारे से अलग करें; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 19 तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार चौथा दिन हो गया। 20 फिर परमेश्वर ने कहा, “जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश के अन्तर में उड़ें।” 21 इसलिए परमेश्वर ने जाति-जाति के बड़े-बड़े जल-जन्तुओं की, और उन सब जीवित प्राणियों की भी सृष्टि की जो चलते फिरते हैं जिनसे जल बहुत ही भर गया और एक-एक जाति के उड़नेवाले पक्षियों की भी सृष्टि की; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 22 परमेश्वर ने यह कहकर उनको आशीष दी, “फूलो-फलो, और समुद्र के जल में भर जाओ, और पक्षी पृथ्वी पर बढ़ें।” 23 तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पाँचवाँ दिन हो गया। 24 फिर परमेश्वर ने कहा, “पृथ्वी से एक-एक जाति के जीवित प्राणी, अर्थात् घरेलू पशु, और रेंगनेवाले जन्तु, और पृथ्वी के वन पशु, जाति-जाति के अनुसार उत्पन्न हों,” और वैसा ही हो गया। 25 इस प्रकार परमेश्वर ने पृथ्वी के जाति-जाति के वन-पशुओं को, और जाति-जाति के घरेलू पशुओं को, और जाति-जाति के भूमि पर सब रेंगनेवाले जन्तुओं को बनाया; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 26 फिर परमेश्वर ने कहा, “हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएँ; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगनेवाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें।” (याकू. 3:9) 27 तब परमेश्वर ने अपने स्वरूप में मनुष्य को रचा, अपने ही स्वरूप में परमेश्वर ने मनुष्य की रचना की; नर और नारी के रूप में उसने मनुष्यों की सृष्टि की। (मत्ती 19:4, मर. 10:6, प्रेरि. 17:29, 1 कुरि. 11:7, कुलु. 3:10, 1 तीमु. 2:13) 28 और परमेश्वर ने उनको आशीष दी; और उनसे कहा, “फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले सब जन्तुओं पर अधिकार रखो।” 29 फिर परमेश्वर ने उनसे कहा, “सुनो, जितने बीजवाले छोटे-छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीजवाले फल होते हैं, वे सब मैंने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं; (रोम. 14:2) 30 और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले जन्तु हैं, जिनमें जीवन का प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैंने सब हरे-हरे छोटे पेड़ दिए हैं,” और वैसा ही हो गया। 31 तब परमेश्वर ने जो कुछ बनाया था, सब को देखा, तो क्या देखा, कि वह बहुत ही अच्छा है। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार छठवाँ दिन हो गया। (1 तीमु. 4:4)

Genesis 1

1 आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3) 2 पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था। (2 कुरि. 4:6) 3 तब परमेश्वर ने कहा, “उजियाला हो,” तो उजियाला हो गया। 4 और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अंधियारे से अलग किया। 5 और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अंधियारे को रात कहा। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पहला दिन हो गया। 6 फिर परमेश्वर ने कहा , “जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।” 7 तब परमेश्वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग-अलग किया; और वैसा ही हो गया। 8 और परमेश्वर ने उस अन्तर को आकाश कहा। तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया। 9 फिर परमेश्वर ने कहा, “आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे,” और वैसा ही हो गया। (2 पत. 3:5) 10 और परमेश्वर ने सूखी भूमि को पृथ्वी कहा, तथा जो जल इकट्ठा हुआ उसको उसने समुद्र कहा; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 11 फिर परमेश्वर ने कहा, “पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे-छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्हीं में एक-एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें,” और वैसा ही हो गया। (1 कुरि. 15:38) 12 इस प्रकार पृथ्वी से हरी घास, और छोटे-छोटे पेड़ जिनमें अपनी-अपनी जाति के अनुसार बीज होता है, और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक-एक की जाति के अनुसार उन्हीं में होते हैं उगें; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 13 तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार तीसरा दिन हो गया। 14 फिर परमेश्वर ने कहा, “दिन को रात से अलग करने के लिये आकाश के अन्तर में ज्योतियाँ हों; और वे चिन्हों, और नियत समयों, और दिनों, और वर्षों के कारण हों; 15 और वे ज्योतियाँ आकाश के अन्तर में पृथ्वी पर प्रकाश देनेवाली भी ठहरें,” और वैसा ही हो गया। 16 तब परमेश्वर ने दो बड़ी ज्योतियाँ बनाईं; उनमें से बड़ी ज्योति को दिन पर प्रभुता करने के लिये, और छोटी ज्योति को रात पर प्रभुता करने के लिये बनाया; और तारागण को भी बनाया। 17 परमेश्वर ने उनको आकाश के अन्तर में इसलिए रखा कि वे पृथ्वी पर प्रकाश दें, 18 तथा दिन और रात पर प्रभुता करें और उजियाले को अंधियारे से अलग करें; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है। 19 तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार चौथा दिन हो गया।

Joshua 23

2 तब यहोशू सब इस्राएलियों को, अर्थात् पुरनियों, मुख्य पुरुषों, न्यायियों, और सरदारों को बुलवाकर कहने लगा, “मैं तो अब बूढ़ा और बहुत आयु का हो गया हूँ; 3 और तुम ने देखा कि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम्हारे निमित्त इन सब जातियों से क्या-क्या किया है, क्योंकि जो तुम्हारी ओर से लड़ता आया है वह तुम्हारा परमेश्वर यहोवा है।

Psalm 19

1 आकाश परमेश्वर की महिमा वर्णन करता है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट करता है।

अधिकतम फ़ाइल आकार
चौड़ाई
4566
कद
5918
₹376.10
Special Galleries
Good Soil Print Gallery
GoodSalt Gallery
Nature Photography Gallery
Steve Creitz Select
Seasonal
Harry Anderson Select

हम महत्वपूर्ण वॉल्यूम लाइसेंसिंग छूट प्रदान करते हैं।
कोई सवाल? 800-805-8001 or +1 208-455-5659 पर कॉल करें और कस्टम कोट के लिए पूछें. हम आपके बजट के साथ काम करेंगे।

Post To Feed Pin It
लाइटबॉक्स
संबंधित चित्र
  1. निर्माण, शुरुआत में
  2. नई शुरुआत
  3. एक चमत्कार की शुरुआत
  4. निर्माण
  5. निर्माण
  6. निर्माण
  7. निर्माण
  8. निर्माण
  • लाइसेंस जानकारी
  • गोपनीयता
  • हमसे संपर्क करें
  • कलाकार
1 800 805.8001
© 2026 सभी छवियों और मीडिया का कॉपीराइट GoodSalt, Inc. और/या इसके योगदानकर्ताओं के पास है। सर्वाधिकार सुरक्षित।
  हिन्दी
  •  Afrikaans
  •  Bahasa Indonesia
  •  Bahasa Melayu
  •  Česky
  •  Deutsch
  •  English
  •  Español
  •  Français
  •  Italiano
  •  Magyar
  •  Nederlands
  •  Polski
  •  Português
  •  Română
  •  Shqip
  •  Tagalog
  •  Tiếng Việt
  •  Türkçe
  •  Ελληνικά
  •  Български
  •  русский
  •  Српски / Srpski
  •  Українська
  •  עברית
  •  العربية
  •  فارسی
  •  ไทย
  •  中文
  •  日本語
  •  粵語
  •  한국어