अहाब दो घोड़ों द्वारा खींचे गए एक रथ में सवारी कर रहा है। एक बुजुर्ग एलिजाह रथ के साथ चल रहा है क्योंकि बारिश उनके आसपास गिरती है। पृष्ठभूमि में पानी की एक धारा चट्टानों को नीचे चल रही है।
44 सातवीं बार उसने कहा, “देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा बादल उठ रहा है।” एलिय्याह ने कहा, “अहाब के पास जाकर कह, ‘रथ जुतवाकर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि तू वर्षा के कारण रुक जाए।’”45 थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आँधी से काला हो गया और भारी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार होकर यिज्रेल को चला। (याकू. 5:18)46 तब यहोवा की शक्ति एलिय्याह पर ऐसी हुई; कि वह कमर बाँधकर अहाब के आगे-आगे यिज्रेल तक दौड़ता चला गया। (लूका 12:35)