एस्तेर ने राजा से पहले मना कर दिया है। उसे यह तय करना चाहिए कि क्या उसे स्वीकार करना है या उसे अस्वीकार करना है। वह स्वीकार करने से पहले स्क्रिपर को पकड़ रहा है।
4 तब राजा ने एस्तेर की ओर सोने का राजदण्ड बढ़ाया।5 तब एस्तेर उठकर राजा के सामने खड़ी हुई; और कहने लगी, “यदि राजा को स्वीकार हो और वह मुझसे प्रसन्न है और यह बात उसको ठीक जान पड़े, और मैं भी उसको अच्छी लगती हूँ, तो जो चिट्ठियाँ हम्मदाता अगागी के पुत्र हामान ने राजा के सब प्रान्तों के यहूदियों को नाश करने की युक्ति करके लिखाई थीं, उनको पलटने के लिये लिखा जाए।6 क्योंकि मैं अपने जाति के लोगों पर पड़नेवाली उस विपत्ति को किस रीति से देख सकूँगी? और मैं अपने भाइयों के विनाश को कैसे देख सकूँगी?”