मसीह नहीं है कि इन बातों का सामना करना पड़ा है, और उसकी महिमा में प्रवेश करना चाहिए?
और मूसा और सभी भविष्यद्वक्ताओं में शुरू, वह उन सब शास्त्रों में अपने आप से संबंधित बातों के इधार देववाणी ।
26 क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुःख उठाकर अपनी महिमा में प्रवेश करे?”27 तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ करके सारे पवित्रशास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया। (यूह. 1:45, लूका 24:44, व्यव. 18:15)
Luke 9
35 और उस बादल में से यह शब्द निकला, “यह मेरा पुत्र और मेरा चुना हुआ है, इसकी सुनो।” (यशा. 42:1)