51 “क्या तुम ये सब बातें समझ गए?” चेलों ने उत्तर दिया, “हाँ।”52 फिर यीशु ने उनसे कहा, “इसलिए हर एक शास्त्री जो स्वर्ग के राज्य का चेला बना है, उस गृहस्थ के समान है जो अपने भण्डार से नई और पुरानी वस्तुएँ निकालता है।”53 जब यीशु ये सब दृष्टान्त कह चुका, तो वहाँ से चला गया।